संस्था का परिचय
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हमारी विज़न
समाज के हर वर्ग को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना, जहाँ समानता और न्याय के आधार पर एक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण हो सके।
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हमारा मिशन
शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार के अवसरों के माध्यम से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में जागरूकता और विकास के स्थायी साधन उपलब्ध कराना।
'नवसृजन विकास संवाद समिति' मध्य प्रदेश के उमरिया ज़िले में सक्रिय एक प्रगतिशील सामाजिक संस्था है। इसकी शुरुआत साल 2003 में बदलाव की चाह रखने वाले
कुछ ऊर्जावान युवाओं की टोली द्वारा एक अनौपचारिक पहल के रूप में हुई थी। समाज के सबसे वंचित और कमजोर वर्ग के लिए कुछ बेहतर करने की गहरी इच्छा के साथ,
इन युवाओं ने लगातार दो दशकों से अधिक समय तक जमीनी स्तर पर कार्य किया। सामूहिक प्रयासों और इसी अनौपचारिक तालमेल को आगे बढ़ाते हुए,
आखिरकार साल 2025 में इस दूरदर्शी पहल को एक कानूनी और औपचारिक संस्था (समिति) का रूप दिया गया।
हमारी विचारधारा और कार्यशैली
हमारी संस्था गाँधीवादी विचारों और भारतीय संविधान के मूल्यों को अपना मार्गदर्शक मानती है। हम मानते हैं कि स्थायी बदलाव केवल अहिंसा, संवाद और रचनात्मक जनभागीदारी के माध्यम से ही संभव है।
'नवसृजन' मुख्य रूप से ग्रामीण समुदायों के भीतर से ही नेतृत्व और सहभागिता को विकसित करने का कार्य करती है, ताकि समाज आत्मनिर्भर और न्यायपूर्ण बन सके।
हमारे मुख्य कार्यक्षेत्र और उद्देश्य (Core Focus Areas)
संस्था विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखकर, समाज के सबसे पिछड़े व वंचित वर्गों (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग) के समग्र उत्थान के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रयासरत है:
- जल, जंगल और ज़मीन: प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उन पर स्थानीय समुदाय के अधिकारों के प्रति जागरूकता।
- स्वास्थ्य और पोषण: ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण को समाप्त करना और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना।
- आजीविका और आत्मनिर्भरता: स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसरों और टिकाऊ आजीविका के साधनो को बढ़ावा देना।
- संवैधानिक अधिकार: लोगों को उनके लोकतांत्रिक व संवैधानिक अधिकारों (जैसे- भोजन का अधिकार, सूचना का अधिकार आदि) के प्रति सजग बनाना।
हमारा संकल्प: "संवाद, सहभागिता और संवैधानिक मूल्यों के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना और एक न्यायपूर्ण व टिकाऊ समाज का निर्माण करना।"